आज विश्लेषण में सबसे पहले बात बुलडोजर प्रहार की... जिसकी दहशत से पत्थरबाज खौफ में है...क्योकि हिंसा तो शुक्रवार को ही खत्म हो गई लेकिन बुलडोजर का प्रहार लगातार जारी है... अब आलम ये है कि बुलडोजर कहीं से गुजरता भी है तो पत्थरबाजों का दिल बैठ जाता है...लेकिन सवाल इसको लेकर हो रही सियासत का है जो खत्म होने का नाम नहीं ले रही है... क्योंकि विपक्ष सवाल उठा रहा है तो सत्ता पक्ष कह रहा है कि जो पत्थर उठाएगा उसपर ऐसे ही एक्शन लिया जाएगा... लेकिन सवाल 17 जून की तारीख का है... क्योंकि दो शुक्रवार हिंसा के गवाह रहे हैं...